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श्लोक 2.17.102  |
সকল বৈষ্ণব হৈলা পরম আনন্দ
তখনে হাসেন হরিদাস-নিত্যানন্দ |
सकल वैष्णव हैला परम आनन्द
तखने हासेन हरिदास-नित्यानन्द |
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| अनुवाद |
| सभी वैष्णवों को बहुत आनंद हुआ और तब हरिदास और नित्यानंद हंसने लगे। |
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| All the Vaishnavas were very happy and then Haridas and Nityananda started laughing. |
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