श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  2.16.96 
সে-কালে যে হৈল কথা, সেই সত্য হয
না মানে বৈষ্ণব-বাক্য, সেই যায ক্ষয
से-काले ये हैल कथा, सेइ सत्य हय
ना माने वैष्णव-वाक्य, सेइ याय क्षय
 
 
अनुवाद
उस समय की बातें वैष्णवों द्वारा कही गई हैं और सब तथ्यपूर्ण हैं। जो उनकी बातों पर संदेह करता है, वह नष्ट हो जाता है।
 
The words spoken by Vaishnavas at that time are factual. Anyone who doubts their words is doomed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)