श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.16.24 
আর এক-দিন প্রভু নাচিতে নাচিতে
না পায উল্লাস প্রভু চাহে চারি-ভিতে
आर एक-दिन प्रभु नाचिते नाचिते
ना पाय उल्लास प्रभु चाहे चारि-भिते
 
 
अनुवाद
एक अन्य दिन जब भगवान को नाचते समय खुशी महसूस नहीं हुई, तो उन्होंने चारों ओर देखा।
 
Another day when the Lord did not feel happy while dancing, he looked around.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)