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श्लोक 2.16.137  |
তোমারে দিলাম আমি প্রেম-ভক্তি দান
নিশ্চয জানিহ ঽপ্রেম-ভক্তি মোর প্রাণঽ” |
तोमारे दिलाम आमि प्रेम-भक्ति दान
निश्चय जानिह ऽप्रेम-भक्ति मोर प्राणऽ” |
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| अनुवाद |
| "अब मैं तुम्हें प्रेम-भक्ति देता हूँ। निश्चय जान लो कि प्रेम-भक्ति ही मेरा जीवन और आत्मा है।" |
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| "Now I give you love and devotion. Know for sure that love and devotion is my life and soul." |
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