श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 118
 
 
श्लोक  2.16.118 
সেই মত কৃপা ও করিলা বিশ্বম্ভর
যে রহে চৈতন্য-নৃত্যে বাডীর ভিতর
सेइ मत कृपा ओ करिला विश्वम्भर
ये रहे चैतन्य-नृत्ये बाडीर भितर
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर ने उस पर इतनी कृपा की कि वह घर के अन्दर रहकर भगवान का नृत्य देख सका।
 
Vishvambhar blessed him so much that he could watch the Lord dance while staying inside the house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)