श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 110
 
 
श्लोक  2.16.110 
সেই শুক্লাম্বরের শুনহ কিছু কথান্
অবদ্বীপে বসতি, প্রভুর জন্ম যথা
सेइ शुक्लाम्बरेर शुनह किछु कथान्
अवद्वीपे वसति, प्रभुर जन्म यथा
 
 
अनुवाद
अब शुक्लम्बर ब्रह्मचारी के विषय में सुनो, जो नवद्वीप में रहते थे, जहाँ भगवान प्रकट हुए थे।
 
Now listen about the Shuklamber Brahmachari who lived in Navadvipa, where the Lord appeared.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)