श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  2.16.109 
সম্মুখে দেখযে শুক্লাম্বর ব্রহ্মচারীঅ
নুগ্রহ করে তারে গৌরাঙ্গ শ্রী-হরি
सम्मुखे देखये शुक्लाम्बर ब्रह्मचारीअ
नुग्रह करे तारे गौराङ्ग श्री-हरि
 
 
अनुवाद
शुक्लम्बर ब्रह्मचारी को अपने सम्मुख खड़ा देखकर भगवान श्री गौरहरि ने उन पर कृपा की।
 
Seeing the Shuklamber Brahmachari standing before him, Lord Shri Gaurhari showered his blessings on him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)