श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 15: माधवानंद के अनुभव का वर्णन  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  2.15.98 
চারি-বেদ-গুপ্ত-ধন চৈতন্যের কথা
মন দিযাশুন, যে করিল যথা যথা
चारि-वेद-गुप्त-धन चैतन्येर कथा
मन दियाशुन, ये करिल यथा यथा
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य के विषय चारों वेदों का गुप्त खजाना हैं। ध्यानपूर्वक सुनो कि भगवान ने अपनी लीलाएँ कैसे और कहाँ कीं।
 
The subjects of Lord Chaitanya are the secret treasures of the four Vedas. Listen carefully to how and where the Lord performed His pastimes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)