श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 15: माधवानंद के अनुभव का वर्णन  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  2.15.85 
শুনিল সকল লোকে,—“নিমাই পণ্ডিত
জগাই-মাধাইর কৈল উত্তম চরিত”
शुनिल सकल लोके,—“निमाइ पण्डित
जगाइ-माधाइर कैल उत्तम चरित”
 
 
अनुवाद
सभी ने सुना, “निमाई पंडित ने जगाई और माधाई को महान व्यक्तित्व में परिवर्तित कर दिया।”
 
Everyone heard, “Nimai Pandit awakened and transformed Madhai into a great personality.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)