|
| |
| |
श्लोक 2.15.78  |
অপরাধ-ভঞ্জনী গঙ্গার সেবা-কার্য
ইহাতে অধিক বা তোমার কোন্ ভাগ্য? |
अपराध-भञ्जनी गङ्गार सेवा-कार्य
इहाते अधिक वा तोमार कोन् भाग्य? |
| |
| |
| अनुवाद |
| "गंगा की सेवा करने से तुम्हारे सारे अपराध नष्ट हो जाएँगे। इससे बढ़कर तुम्हारे लिए सौभाग्य की बात और क्या हो सकती है?" |
| |
| "By serving Ganga, all your sins will be destroyed. What could be more fortunate for you than this?" |
| ✨ ai-generated |
| |
|