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श्लोक 2.15.74  |
যা-সবার স্থানে করিলাম অপরাধ
কোন্-রূপে তারা মোরে করিবে প্রসাদ? |
या-सबार स्थाने करिलाम अपराध
कोन्-रूपे तारा मोरे करिबे प्रसाद? |
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| अनुवाद |
| “मैंने जिन लोगों को नाराज किया है, उनका आशीर्वाद मुझे कैसे मिलेगा? |
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| “How will I get the blessings of the people I have offended? |
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