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श्लोक 2.15.11  |
সর্ব-গণ-সহিত ঠাকুর বিশ্বম্ভর
অনুগ্রহ, আশ্বাস করযে নিরন্তর |
सर्व-गण-सहित ठाकुर विश्वम्भर
अनुग्रह, आश्वास करये निरन्तर |
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| अनुवाद |
| विश्वम्भर और उनके सहयोगी लगातार उन दोनों को सांत्वना देते रहे और उन पर दया करते रहे। |
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| Vishwambhar and his associates continued to console and pity both of them. |
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