श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 14: यमराज का संकीर्तन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.14.11 
চিত্রগুপ্ত বলে,—“শুন ধর্ম যমরাজ
এ বিফল পরিশ্রমে আর কিবা কাজ?
चित्रगुप्त बले,—“शुन धर्म यमराज
ए विफल परिश्रमे आर किबा काज?
 
 
अनुवाद
चित्रगुप्त ने उत्तर दिया, "हे यमराज, सुनिए। ऐसे व्यर्थ प्रयास से क्या लाभ है?"
 
Chitragupta replied, "O Yamaraja, listen. What is the benefit of such futile effort?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)