श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  2.13.99 
তোমরা না জান, এথা জগা-মাধা আছে
খানি রহঽ উলটিযা হের দেখ পাছে”
तोमरा ना जान, एथा जगा-माधा आछे
खानि रहऽ उलटिया हेर देख पाछे”
 
 
अनुवाद
"तुम्हें पता नहीं कि जगाई और माधाई यहीं रहते हैं। ज़रा रुको और देखो तुम्हारे पीछे कौन है।"
 
"You don't know that Jagai and Madhai live here. Wait a minute and see who's behind you."
तात्पर्य
नितानंद और हरिदास से जगई और माधई बोले कि - "तुम दोनों को तो पता ही होगा कि यहां जगई और माधई नामक दो लफंगे रहते हैं और बिना हमारे उकसाए यहां से कोई जाता ही नहीं। यहां थोड़ी देर रुक जाओ और फिर हमको आते देखना।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)