श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  2.13.98 
দুই দস্যু বলে,—“ভাই, কোথারে যাইবাজগা-
মাধার ঠাঞি আজি কেমতে এডাইবা?
दुइ दस्यु बले,—“भाइ, कोथारे याइबाजगा-
माधार ठाञि आजि केमते एडाइबा?
 
 
अनुवाद
दोनों बदमाशों ने कहा, "अरे भाई, तुम कहाँ जाओगे? आज जगाई और माधाई से कैसे बचोगे?"
 
The two scoundrels said, "Hey brother, where will you go? How will you escape from Jagai and Madhai today?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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