श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 390
 
 
श्लोक  2.13.390 
হেন বৈষ্ণব নিন্দে যদি সর্বজ্ঞ হৈ
সে জনের অধঃপাত—সর্ব শাস্ত্রে কৈ
हेन वैष्णव निन्दे यदि सर्वज्ञ है
से जनेर अधःपात—सर्व शास्त्रे कै
 
 
अनुवाद
सभी शास्त्रों में कहा गया है कि यदि कोई सर्वज्ञ व्यक्ति किसी वैष्णव की निन्दा करता है, तो वह निश्चित रूप से गिर जाएगा।
 
It is said in all the scriptures that if an omniscient person slanders a Vaishnava, he will definitely fall.
तात्पर्य
सम्पूर्ण सिद्धि मिल जाने पर भी, जो कोई वैष्णव की निंदा करे, निश्चित ही उसका पतन हो जाता है। यह सब शास्त्रों का निर्णय है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)