श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 381
 
 
श्लोक  2.13.381 
পডিযা আছযে যত—নাহি লেখাজোখা
“তোমরা সবেরে কি এ-গুলা না দেয দেখা?”
पडिया आछये यत—नाहि लेखाजोखा
“तोमरा सबेरे कि ए-गुला ना देय देखा?”
 
 
अनुवाद
कोई अंदाज़ा नहीं लगा पा रहा था कि वहाँ कितने लोग थे। "क्या तुम इन लोगों को नहीं पहचानते?"
 
No one could guess how many people were there. "Don't you recognize these people?"
तात्पर्य
लेखा जोखा शब्द का मतलब है “संख्या और राशि”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)