श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 302
 
 
श्लोक  2.13.302 
প্রভু বলে,—“কালা দেখ দুইর পাতকে
কীর্তন করহ—সব যাউক নিন্দকে”
प्रभु बले,—“काला देख दुइर पातके
कीर्तन करह—सब याउक निन्दके”
 
 
अनुवाद
भगवान ने कहा, "देखो, ये दोनों पापी कितने काले हैं। कीर्तन करो ताकि इनके पाप निन्दा करने वालों में शरण ले लें।"
 
The Lord said, "Look how dark these two sinners are. Perform kirtan so that their sins take refuge in those who blaspheme."
तात्पर्य
महाप्रभु बोले, "जगार्इ और माधाई के पापों का रूप काला है। तुम सभी कीर्तन करो, तब ये काले पापकर्म भक्तों की निंदा करने वालों की शरण लेंगे, और जगार्इ और माधाई अपने पापों से मुक्त हो जाएंगे।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)