श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 300
 
 
श्लोक  2.13.300 
প্রভু বলে,—“তোমরা আমারে দেখ কেন?”
অদ্বৈত বলযে,—“শ্রী-গোকুলচন্দ্র যেন”
प्रभु बले,—“तोमरा आमारे देख केन?”
अद्वैत बलये,—“श्री-गोकुलचन्द्र येन”
 
 
अनुवाद
भगवान ने पूछा, “मैं कैसा दिखता हूँ?” अद्वैत ने उत्तर दिया, “आप बिल्कुल श्री गोकुलचंद्र जैसे दिखते हैं।”
 
The Lord asked, “How do I look?” Advaita replied, “You look exactly like Sri Gokulchandra.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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