श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 295
 
 
श्लोक  2.13.295 
প্রভু বলে,—“উঠ উঠ জগাই-মাধাই
হৈলা আমার দাস—আর চিন্তা নাই
प्रभु बले,—“उठ उठ जगाइ-माधाइ
हैला आमार दास—आर चिन्ता नाइ
 
 
अनुवाद
प्रभु ने कहा, "उठो। उठो, जगाई और माधाई। चिंता मत करो, क्योंकि तुम मेरे सेवक हो।"
 
The Lord said, "Get up. Get up, Jagai and Madhai. Do not worry, for you are my servants."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)