श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 272
 
 
श्लोक  2.13.272 
এবে সে বিদিত হৈল গোপ্য গুণ-গ্রাম
ঽনির্লক্ষ্য-উদ্ধারঽ—প্রভু, ইহার সে নাম
एबे से विदित हैल गोप्य गुण-ग्राम
ऽनिर्लक्ष्य-उद्धारऽ—प्रभु, इहार से नाम
 
 
अनुवाद
"अब आपका गुप्त गुण प्रकट हो गया है। हे प्रभु, इस गुण का नाम 'अकारण उद्धार' है।"
 
"Now Your hidden quality has been revealed. O Lord, the name of this quality is 'Salvation without cause.'"
तात्पर्य
"अब आपका गुप्त गुण सबको ज्ञात है। अयोग्य गिरी हुई आत्माओं को आपकी निःस्वार्थ दया से मुक्ति दिलाना इसका ज्वलंत उदाहरण है।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)