श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 259
 
 
श्लोक  2.13.259 
পাপী উদ্ধারিলে যত নানা অবতারে
পরম অদ্ভুত—তাহা ঘোষযে সṁসারে
पापी उद्धारिले यत नाना अवतारे
परम अद्भुत—ताहा घोषये सꣳसारे
 
 
अनुवाद
"आपने अपने विभिन्न अवतारों में असंख्य पापियों का उद्धार किया है। इसकी महिमा संसार भर में अत्यंत अद्भुत मानी जाती है।"
 
"You have saved countless sinners in your various incarnations. This glory is considered to be most wonderful throughout the world."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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