“जय जय महाप्रभु जय विश्वम्भर
जय जय नित्यानन्द—विश्वम्भर-धर
अनुवाद
"महाप्रभु की जय हो! विश्वम्भर की जय हो! विश्वम्भर के आधार नित्यानंद की जय हो!
"Victory to Mahaprabhu! Victory to Vishvambhar! Victory to Nityananda, the support of Vishvambhar!
तात्पर्य
श्री नित्यानंद प्रभु विश्वंभर की दस अलग-अलग रूपों में सेवा करते हैं. इसलिए उनका नाम "विश्वंभर-धर" है. श्री नित्यानंद के चरण कमलों की शरण लिए बिना जीवातमा विश्वंभर की कोई अवधारणा नहीं रख सकता.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥