श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 248
 
 
श्लोक  2.13.248 
নিত্যানন্দ-চৈতন্যের প্রকাশ একত্র
দেখিলেন দুই জনে—যার যেই তত্ত্ব
नित्यानन्द-चैतन्येर प्रकाश एकत्र
देखिलेन दुइ जने—यार येइ तत्त्व
 
 
अनुवाद
भगवान नित्यानन्द और भगवान चैतन्य को वहाँ एक साथ देखकर, दोनों अपनी वास्तविक पहचान समझ सके।
 
Seeing Lord Nityananda and Lord Chaitanya together there, both of them understood their true identity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)