প্রভু বলে,—“শুন শুন তোরা দুই জন
সত্য সত্য আমি তোরে করিলাঙ মোচন
কোটি কোটি জন্মে যত আছে পাপ তোর
আর যদি না করিস্,—সব দায মোর
प्रभु बले,—“शुन शुन तोरा दुइ जन
सत्य सत्य आमि तोरे करिलाङ मोचन
कोटि कोटि जन्मे यत आछे पाप तोर
आर यदि ना करिस्,—सब दाय मोर
अनुवाद
प्रभु ने कहा, "सुनो तुम दोनों। मैंने आज सचमुच तुम्हारा उद्धार कर दिया है। तुमने अपने पिछले लाखों जन्मों में जो भी पाप किए हैं, उनकी पूरी ज़िम्मेदारी मैं लेता हूँ, बशर्ते तुम दोबारा पाप न करो।"
The Lord said, "Listen, both of you. Today I have truly saved you. I take full responsibility for all the sins you have committed in your past millions of lives, provided you do not sin again."
तात्पर्य
जो व्यक्ति भगवान की सेवा के लिए प्रवृत्त होते हैं, वे भौतिक भोगों से निवृत्त हो जाते हैं और कृष्ण के आनंद के लिए अपने सभी प्रयासों को समर्पित कर देते हैं। फिर वे इस भौतिक दुनिया में पवित्रता या अधर्म के संचय के लिए तरसते नहीं रह जाते। भक्त तब पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर देते हैं और आध्यात्मिक सुख का आनंद लेते हैं क्योंकि वे लगातार भगवान की सेवा में लगे रहते हैं। भौतिक बंधन से मुक्त होने के बाद आत्म-साक्षात्कारी जीव जो भी गतिविधियाँ करते हैं, उन सभी को भगवान की सेवा के लिए समर्पित कर देते हैं, इसलिए नहाना, खाना और सोना जैसी उनकी सभी गतिविधियों को कृष्ण की सेवा के रूप में गिना जाता है और इसलिए वे आध्यात्मिक आधार पर स्थित होते हैं। फिर करोड़ों जन्मों में संचित अनुकूलित आत्माओं की पाप प्रतिक्रियाएं एक बार में हट जाती हैं। इस प्रकार भगवान की दया से सभी पापों और परिणामी कष्टों का नाश हो जाता है। कमजोर जीवों को हरि के प्रति प्रतिकूल होने के लिए प्रभावित करने के अलावा, माया की ढकने और फेंकने वाली शक्तियाँ भक्तों पर कोई प्रभाव नहीं दिखा सकती हैं। पूरी तरह से समर्पित आत्म-साक्षात्कारी भक्त जल्द ही मुक्ति की गोद में पोषित हो जाते हैं और फिर किसी भी प्रकार की पवित्र या पापपूर्ण गतिविधियों में शामिल नहीं होते हैं। सर्व-धर्मों-परित्याज्य श्लोक [सर्व-धर्मों-परित्याज्य माँ एकम शरणम व्रजा अहँ त्वा सर्व-पापेभ्यो मोक्षयिष्यमि मा शुचः "धर्म के सभी प्रकारों का त्याग करो और सिर्फ मेरे सामने आत्मसमर्पण करो। मैं तुम्हें सभी पापपूर्ण प्रतिक्रियाओं से मुक्त कर दूँगा। डरो मत।" (भगवद् गीता 18.66)] जीवों के दुखों का विनाशक है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥