পাইযা চরণ-ধন লক্ষ্মীর জীবন
ধরিল জগাই—যেন অমূল্য রতন
पाइया चरण-धन लक्ष्मीर जीवन
धरिल जगाइ—येन अमूल्य रतन
अनुवाद
भगवान के चरणकमलों की निधि, जो लक्ष्मी के प्राण और आत्मा हैं, को प्राप्त करके जगाई ने उन्हें इस प्रकार कसकर पकड़ लिया, मानो वे अमूल्य रत्न हों।
Having obtained the treasure of the Lord's lotus feet, which are the life and soul of Lakshmi, Jagai held them tightly as if they were priceless jewels.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥