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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार
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श्लोक 196
श्लोक
2.13.196
চতুর্ভুজ শঙ্খ-চক্র-গদা-পদ্ম-ধর
জগাই দেখিল সেই প্রভু বিশ্বম্ভর
चतुर्भुज शङ्ख-चक्र-गदा-पद्म-धर
जगाइ देखिल सेइ प्रभु विश्वम्भर
अनुवाद
जगाई ने विश्वम्भर को चार भुजाओं वाला तथा शंख, चक्र, गदा और कमल धारण किये हुए देखा।
Jagai saw Vishvambhara with four arms and holding a conch, a discus, a mace and a lotus.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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