vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार
»
श्लोक 195
श्लोक
2.13.195
প্রভু বলে,—“জগাই, উঠিযা দেখ মোরে
সত্য আমি প্রেম-ভক্তি দান দিল তোরে”
प्रभु बले,—“जगाइ, उठिया देख मोरे
सत्य आमि प्रेम-भक्ति दान दिल तोरे”
अनुवाद
भगवान ने कहा, "हे जगाइ, उठो और मुझे देखो। मैंने तुम्हें सचमुच शुद्ध भक्ति प्रदान की है।"
The Lord said, "O Jagai, get up and see me. I have truly bestowed upon you pure devotion."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×