श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 158
 
 
श्लोक  2.13.158 
অদ্বৈতের বাক্য বুঝে কাহার শকতি?
বুঝে হরিদাস প্রভু—যার যেন মতি
अद्वैतेर वाक्य बुझे काहार शकति?
बुझे हरिदास प्रभु—यार येन मति
 
 
अनुवाद
अद्वैत के शब्दों को समझने की शक्ति किसमें है? केवल हरिदास प्रभु ही उसे समझ सकते हैं।
 
Who has the power to understand the words of Advaita? Only Haridasa Prabhu can understand them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)