श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.13.15 
আজ্ঞাশিরে করিঽ নিত্যানন্দ-হরিদাস
তত-ক্ষণে চলিলেন পথে আসিঽ হাস
आज्ञाशिरे करिऽ नित्यानन्द-हरिदास
तत-क्षणे चलिलेन पथे आसिऽ हास
 
 
अनुवाद
भगवान की आज्ञा को सिर पर लेकर नित्यानंद और हरिदास मुस्कुराये और तुरंत सड़क पर निकल गये।
 
Taking the Lord's command to heart, Nityananda and Haridas smiled and immediately set out on the road.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)