श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.13.12 
আজ্ঞাশুনিঽ হাসে সব বৈষ্ণব-মণ্ডল
অন্যথা করিতে আজ্ঞা কার আছে বল?
आज्ञाशुनिऽ हासे सब वैष्णव-मण्डल
अन्यथा करिते आज्ञा कार आछे बल?
 
 
अनुवाद
आदेश सुनकर सभी वैष्णव हँस पड़े, "आज्ञा का उल्लंघन करने की शक्ति किसमें है?"
 
Hearing the order, all the Vaishnavas laughed, "Who has the power to disobey the order?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)