श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  2.13.112 
কত-ক্ষণে দুই প্রভু উলটিযা চায
কোথা গেল দুই দস্যু দেখিতে না পায
कत-क्षणे दुइ प्रभु उलटिया चाय
कोथा गेल दुइ दस्यु देखिते ना पाय
 
 
अनुवाद
थोड़ी देर बाद दोनों प्रभुओं ने पीछे मुड़कर देखा और वे यह नहीं देख सके कि दोनों बदमाश कहाँ चले गए थे।
 
After a while, the two lords looked back and they couldn't see where the two scoundrels had gone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)