श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 12: नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  2.12.59 
শুনিযা প্রভুর বাক্য সর্ব-ভক্ত-গণ
মহা জয-জয-ধ্বনি করিলা তখন
शुनिया प्रभुर वाक्य सर्व-भक्त-गण
महा जय-जय-ध्वनि करिला तखन
 
 
अनुवाद
भगवान के वचन सुनकर सभी भक्तों ने तुरंत “जय! जय!” का जाप किया।
 
Hearing the Lord's words, all the devotees immediately chanted "Jai! Jai!"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)