श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 12: नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  2.12.51 
প্রেম-রসে মত্ত দুই বৈকুণ্ঠ-ঈশ্বর
নাচেন লৈযা সব প্রেম-অনুচর
प्रेम-रसे मत्त दुइ वैकुण्ठ-ईश्वर
नाचेन लैया सब प्रेम-अनुचर
 
 
अनुवाद
वैकुण्ठ के दोनों भगवान परमानंद में मग्न होकर अपने समर्पित अनुयायियों के साथ नृत्य करने लगे।
 
The two Lords of Vaikuntha, immersed in ecstasy, began to dance with their devoted followers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)