श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 12: नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.12.26 
নিত্যানন্দ-প্রসাদে সে হয বিষ্ণু-ভক্তি
জানিহ—কৃষ্ণের নিত্যানন্দ পূর্ণ-শক্তি
नित्यानन्द-प्रसादे से हय विष्णु-भक्ति
जानिह—कृष्णेर नित्यानन्द पूर्ण-शक्ति
 
 
अनुवाद
"केवल नित्यानन्द की कृपा से ही मनुष्य विष्णु की भक्ति प्राप्त करता है। यह निश्चित जान लो कि नित्यानन्द ही कृष्ण की पूर्ण शक्ति हैं।"
 
"Only by the grace of Nityananda can one attain devotion to Vishnu. Know for certain that Nityananda is the complete power of Krishna."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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