श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 12: नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.12.16 
আপনে লেপিলা তান অঙ্গ দিব্য গন্ধে
শেষে মাল্য পরিপূর্ণ দিলেন শ্রী-অঙ্গে
आपने लेपिला तान अङ्ग दिव्य गन्धे
शेषे माल्य परिपूर्ण दिलेन श्री-अङ्गे
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान ने नित्यानंद के दिव्य शरीर पर चंदन का लेप लगाया और उन्हें पुष्पमाला अर्पित की।
 
Thereafter, the Lord applied sandalwood paste on Nityananda's transcendental body and offered him a garland of flowers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)