श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 11: नित्यानंद का चरित  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  2.11.91 
অদ্ভুত দেখিযা আই মনে মনে গণে
নিত্যানন্দ-মহিমা না জানে কোন্ জনে?
अद्भुत देखिया आइ मने मने गणे
नित्यानन्द-महिमा ना जाने कोन् जने?
 
 
अनुवाद
इन अद्भुत दृश्यों को देखकर माता शची ने सोचा, "ऐसा कौन है जो नित्यानंद की महिमा को नहीं जानता?
 
Seeing these wonderful scenes, Mother Shaci thought, “Who is there who does not know the glories of Nityananda?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)