श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 11: नित्यानंद का चरित  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  2.11.87 
আই বলে,—“সে সন্দেশ কোথায পডিল?
ঘরের ভিতরে কোন্ প্রকারে আইল?”
आइ बले,—“से सन्देश कोथाय पडिल?
घरेर भितरे कोन् प्रकारे आइल?”
 
 
अनुवाद
माता शची ने पूछा, "संदेश कहाँ गिरे? वे कमरे में कैसे आए?"
 
Mother Shachi asked, "Where did the messages fall? How did they come into the room?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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