श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 11: नित्यानंद का चरित  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  2.11.85 
আই বলে,—“আর নাহি, তবে কি খাইবা?”
নিত্যানন্দ বলে,—“চাহ, অবশ্য পাইবা”
आइ बले,—“आर नाहि, तबे कि खाइबा?”
नित्यानन्द बले,—“चाह, अवश्य पाइबा”
 
 
अनुवाद
माता शची ने कहा, "मेरे पास और मिठाई नहीं है। अब आप क्या खाएँगे?" नित्यानंद ने उत्तर दिया, "यदि आप चाहें, तो आपको अवश्य मिल जाएगी।"
 
Mother Shachi said, "I have no more sweets. What will you eat now?" Nityananda replied, "If you wish, you will certainly have them."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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