श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 11: नित्यानंद का चरित  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  2.11.80 
সেই-মত বচন শুনযে সব মুখে
মাঝে মাঝে সেই-রূপ আই মাত্র দেখে
सेइ-मत वचन शुनये सब मुखे
माझे माझे सेइ-रूप आइ मात्र देखे
 
 
अनुवाद
माता शची ने प्रायः नित्यानंद को विश्वरूप के समान बोलते सुना और उन्हें विश्वरूप में देखा।
 
Mother Shachi often heard Nityananda speaking like Vishwaroopa and saw him in Vishwaroopa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)