श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 11: नित्यानंद का चरित  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  2.11.79 
নিত্যানন্দ-চরিত্র দেখিযা আই হাসে
বিশ্বরূপ-পুত্র-হেন মনে মনে বাসে
नित्यानन्द-चरित्र देखिया आइ हासे
विश्वरूप-पुत्र-हेन मने मने वासे
 
 
अनुवाद
नित्यानंद के इन गुणों को देखकर माता शची मुस्कुराईं। मन ही मन उन्होंने नित्यानंद को अपना पुत्र विश्वरूप माना।
 
Seeing these qualities of Nityananda, Mother Shachi smiled. In her heart, she considered Nityananda to be her son, Vishwaroopa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)