श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 11: नित्यानंद का चरित  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  2.11.63 
এত পরিহারে ও যে পাপী নিন্দা করে
তবে লথি মারোঙ্ তার শিরের উপরে
एत परिहारे ओ ये पापी निन्दा करे
तबे लथि मारोङ् तार शिरेर उपरे
 
 
अनुवाद
यदि कोई नित्यानंद की महिमा सुनकर भी उनकी निन्दा करता है, तो मैं ऐसे पापी व्यक्ति के सिर पर लात मारता हूँ।
 
If anyone, after hearing the glories of Nityananda, criticizes him, I kick the head of such a sinful person.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)