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श्लोक 2.11.54  |
চতুর্দশ-ভুবন-পালন-শক্তি যার
কাক-স্থানে বাটীআনে—কি মহত্ত্ব তাঙ্র? |
चतुर्दश-भुवन-पालन-शक्ति यार
काक-स्थाने बाटीआने—कि महत्त्व ताङ्र? |
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| अनुवाद |
| "जिसके पास चौदह लोकों का पालन करने की शक्ति है, उसे कौवे से कटोरा वापस लाने में क्या महिमा है? |
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| "What glory is there in bringing back a bowl from a crow to one who has the power to rule the fourteen worlds? |
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