श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 11: नित्यानंद का चरित  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  2.11.40 
কাক-প্রতি হাসিঽ প্রভু বলযে বচন
“কাক, তুমি বাটী ঝাট আনহ এখন”
काक-प्रति हासिऽ प्रभु बलये वचन
“काक, तुमि बाटी झाट आनह एखन”
 
 
अनुवाद
भगवान मुस्कुराये और कौवे से कहा, “हे कौवे, कटोरा तुरंत लौटा दो।”
 
God smiled and said to the crow, “O crow, return the bowl immediately.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)