| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 2: मध्य-खण्ड » अध्याय 11: नित्यानंद का चरित » श्लोक 39 |
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| | | | श्लोक 2.11.39  | নিত্যানন্দ বলে,—“মাতা, চিন্তা পরিহর
আমি দিব বাটী, তুমি ক্রন্দন সম্বর” | नित्यानन्द बले,—“माता, चिन्ता परिहर
आमि दिब बाटी, तुमि क्रन्दन सम्बर” | | | | | | अनुवाद | | नित्यानंद बोले, "प्रिय माँ, चिंता मत करो। मैं तुम्हें कटोरा दे दूँगा। कृपया रोना बंद करो।" | | | | Nityananda said, "Dear Mother, don't worry. I will give you the bowl. Please stop crying." | | ✨ ai-generated | | |
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