श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 11: नित्यानंद का चरित  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  2.11.31 
এক-দিন পিতলের বাটী নিল কাকে
উডিযা চলিল কাক যে বনেতে থাকে
एक-दिन पितलेर बाटी निल काके
उडिया चलिल काक ये वनेते थाके
 
 
अनुवाद
एक दिन एक कौआ पीतल का कटोरा लेकर जंगल में उड़ गया।
 
One day a crow flew into the forest carrying a brass bowl.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)