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श्लोक 2.10.7  |
মুরারিরে আজ্ঞা হৈল,—“মোর রূপ দেখ”
মুরারি দেখযে রঘুনাথ পরতেক |
मुरारिरे आज्ञा हैल,—“मोर रूप देख”
मुरारि देखये रघुनाथ परतेक |
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| अनुवाद |
| भगवान ने मुरारी को आदेश दिया, “मेरा रूप देखो!” और मुरारी ने भगवान को रामचन्द्र के रूप में देखा। |
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| The Lord commanded Murari, “Look at my form!” And Murari saw the Lord in the form of Ramachandra. |
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