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श्लोक 2.10.296  |
অদ্যাপিহ বৈষ্ণব-মণ্ডলে এই ধ্বনি
“গৌরাঙ্গের অবশেষ-পাত্র নারাযণী” |
अद्यापिह वैष्णव-मण्डले एइ ध्वनि
“गौराङ्गेर अवशेष-पात्र नारायणी” |
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| अनुवाद |
| आज भी वैष्णव समाज में यह सर्वविदित है कि नारायणी गौरांग के अवशेषों की प्राप्तकर्ता थीं। |
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| Even today it is well known in the Vaishnava community that Narayani was the recipient of Gauranga's remains. |
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