श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 292
 
 
श्लोक  2.10.292 
পরম আনন্দে খায প্রভুর প্রসাদ
সকল বৈষ্ণব তাঙ্রে করে আশীর্বাদ
परम आनन्दे खाय प्रभुर प्रसाद
सकल वैष्णव ताङ्रे करे आशीर्वाद
 
 
अनुवाद
जब उसने प्रसन्नतापूर्वक भगवान के अवशेष खाये तो सभी वैष्णवों ने उसे आशीर्वाद दिया।
 
When he happily ate the remains of the Lord, all the Vaishnavas blessed him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)