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श्लोक 2.10.285  |
যে মন্ত্রেতে যে বৈষ্ণব ইষ্ট ধ্যান করে
সেই মত দেখযে ঠাকুর বিশ্বম্ভরে |
ये मन्त्रेते ये वैष्णव इष्ट ध्यान करे
सेइ मत देखये ठाकुर विश्वम्भरे |
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| अनुवाद |
| एक भक्त अपने आराध्य भगवान का ध्यान करते हुए जिस मंत्र का जाप करता है, उसके अनुसार उसे भगवान विश्वम्भर के दर्शन होते हैं। |
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| A devotee gets the darshan of Lord Vishvambhar according to the mantra he chants while meditating on his beloved God. |
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